गुरुवार, 18 मई 2023

श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र बनेगा सलकनपुर का देवी लोक

सीहोर. मध्यप्रदेश की पवित्र धरती पर सदैव माँ की कृपा रही है। उज्जैन में भगवान शिव के आशीर्वाद से श्री महाकाल लोक विकसित हुआ। अब सीहोर जिले के सलकनपुर में देवी लोक का निर्माण किया जाएगाइसके लिए आगामी 31 मई को भूमिपूजन एवं शिला पूजन कार्यक्रम होने जा रहा है। देवी लोक के निर्माण में जन-जन का योगदान होइस उद्देश्य से ग्रामों से ईंट/शिला संकलन का कार्य प्रारंभ हो रहा हैजो माँ के चरणों में अर्पित की जाएंगी। श्रद्धालुओं का यह उत्साह और देवी लोक के निर्माण के लिए बना वातावरण मैया की कृपा से ही संभव हुआ है। 

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में ग्राम और नगर स्तरीय आयोजन समितियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

           मुख्यमंत्री श्री चौहान ने देवी लोक महोत्सव के पूर्व ग्रामों से शिलाएं एकत्र करने के लिए रथ यात्रा रवाना की। एकत्र शिलाओं का उपयोग देवी लोक के निर्माण के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिर पर देवी जी की चरण पादुका रखकर रथ यात्रा के वाहन के लिए सौंपी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने भी चरण पादुकाएं यात्रा के लिए प्रदान की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने देवी लोक महोत्सव की डीपी और पोस्टर का अनावरण भी किया। एक लघु फिल्म के माध्यम से देवी लोक निर्माण के प्रकल्प का विवरण दिया गया।

 अनेक सुविधाओं से युक्त होगा सलकनपुर का देवी लोक

       मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में सलकनपुर में निर्मित होने वाले देवी लोक का धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व रहेगा। राजधानी भोपाल से नजदीक होने के कारण इस प्रमुख आराधना स्थल में पहुंचने वालों की संख्या लाखों में होती है। अनेक जिलों से श्रद्धालु पद यात्रा करते हुए प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण स्थान सलकनपुर पहुंचते हैं। यहां अनेक पर्यटक सुविधाएं विकसित की गई हैं। देवी लोक के निर्माण से इन सुविधाओं में वृ‍द्धि होगी और श्रद्धालु मैया जी के दर्शन के साथ ही विभिन्न सुविधाओं का उपयोग करते हुए यहां कुछ समय व्यतीत कर सकेंगे। इस आस्था केन्द्र तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का मार्गसड़क मार्गरोप-वे आदि उपलब्ध है। देवी लोक के निर्माण के पश्चात श्रद्धालुओं के निवासखान-पान से जुड़ी सुविधाओं में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिद्ध क्षेत्र सलकनपुर में मूल मंदिर यथावत रहेगा। मैया के नवरूप भी रहेंगे। यही नहीं 64 योगिनी के निर्माणविभिन्न दुकानों के निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं के कारण इस क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा।

 शिला एकत्रीकरणचुनरी यात्राएंमहिला और पुरुषों की भजन स्पर्धा

           मुख्यमंत्री श्री चौहान ने देवी लोक महोत्सव के लिए ग्राम और नगर स्तरीय कार्यक्रमों के अंतर्गत 28, 29 एवं 30 मई को होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी भी दी। देवी लोक महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 31 मई के पूर्व 28 मई को सभी ग्रामों में शिला एवं चुनरी यात्रा निकाली जाएंगी। 'मेरी घर की मिट्टी माँ के चरणों में अर्पितकरने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक घर से ईंट, शिला के संकलन का कार्य होगा। दिनांक 29 मई को रंगोली प्रतियोगिता रहेगी। इसी दिन माता के श्रंगार के लिए भी प्रतियोगिता होगी। महिला एवं पुरुष भजन मंडल भजनों की प्रस्तुति देंगे। प्रथम आने वाले प्रतिभागियों को एक लाख 51 हजारद्वितीय आने वाले प्रतिभागियों को एक लाख रूपए एवं तृतीय स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों 51 हजार रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। महिलाओं के लिए भजन प्रतियोगिता 29 मई और पुरुषों के लिए 30 मई को होगी।

       मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 30 मई के कार्यक्रम में नगर स्तरीय शिला और चुनरी यात्रा के साथ ही यात्रा मार्ग में अलग-अलग समाज और संस्थाएं स्वागत करेंगे। मुख्य कार्यक्रम सलकनपुर में 31 मई को होगा। इसके अंतर्गत भूमिपूजन एवं शिला पूजन के साथ धर्मगुरूओं तथा कथावाचकों का सम्मान किया जाएगा। वैदिक रीति से स्वस्ति गान और मंत्रोच्चार भी होगा। आतिशबाजी और भजनों की प्रस्तुति के साथ माता जी की चुनरीशिलाकलश यात्रा का स्वागत होगा। रेहटी नगर समिति के सौजन्य से गरबा नृत्य की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रमों को अद्भुत स्वरूप देने के लिए आयोजन समितियों से सक्रिय भूमिका की अपेक्षा की। 

           सांसद श्री रमाकांत भार्गव ने कहा कि 17 से 28 मई तक चरण पादुकाओं के पूजन और उन्हें ग्राम-ग्राम ले जाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। ग्रामों के मंदिर से पवित्र मिट्टी भी 31 मई के मुख्य कार्यक्रम के लिए समर्पित की जाएगी। इसके साथ ही चुनरियां भी प्रदान की जाएंगी। ग्रामों में चौपाल में इसके लिए आयोजन समितियों द्वारा जन-जन की भागीदारी पर चर्चा कर आवश्यक तैयारी भी की जाए। 

"मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना"

भोपाल. राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए, युवाओं के हित के लिए नई योजना "मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना" यह योजना युवाओं को अपने मनमाफिक काम सीखने का मौका देगी और हर महीने धनराशि भी मिलेगी। यह योजना समाजिक बदलाव की क्रांति के साथ युवाओं की भागीदारी प्रमुख होगी। युवाओं को रोजगार भी देगी और स्वरोजगार से जोड़गी। यह योजना युवाओं को सक्षम ओर स्वाभिमानी  होगा तो आत्निर्भर मध्यप्रदेश के कदमों को गति मिलेगी। यह योजना तकनीकी शिक्षा,कोशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा प्रस्तावित नवीन योजना "मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना" यह योजना युवाओं को नए अवसर के साथ ही अपनी इच्छानुसार काम सीखने के साथ ही रूपये कमाने को मौका भी मिलेगा। बच्चों को स्किल्ड करेंगे उनके हाथों में कौशल देंगे फिर हम उसको काम सिखाने के बदले में पैसा देंगे हम अपने प्रदेश के युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं और उन्हें स्वरोजगार के जोड़ने के हर संभव प्रयास भी कर रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि हम अपने लोगों को 01 लाख सरकारी पदों पर भर्तियां करेंगी। दूसरी तरफ रोजगार दिवस का अयोजन करके ढाई लाख स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहें हैं।

18 से 29 वर्ष के युवा होंगे पात्र

      मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना युवाएं के लिए स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक बनेगीयोजना में हमारा प्रारंभिक लक्ष्य एक लाख युवाओं को इससे जोड़ना है। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में 18 से लेकर 29 वर्ष तक के मध्यप्रदेश के निवासी युवा भाग ले सकेंगे।

 युवाओं को ट्रेर्निग के दौरान से 10 हजार रूपए तक होगा स्टाइपेंड

  इस योजना में 12 वी या आईटीआई पास अथवा उच्च शिक्षित युवा भी लाभान्वित हो सकेंगे। योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग के दौरान 5 वीं से 12 उत्तीर्ण युवाओं को 8000, आईटीआई पास को 8500, डिप्लोमा धारी को 9000, और स्नातक अथवा उच्च शिक्षित युवाओं को 10 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में प्रतिमाह प्रतिमाह दिया जाएगा।

योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य क्षेत्र चिन्हित

      योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्रइंजीनियरिंगइलेक्ट्रिकलमैकेनिकलसिविलप्रबंधनमार्केटिंगहोटल मैनेजमेंटटूरिज्मट्रेवलअस्पतालरेलवेआई.टी. सेक्टरसॉफ्टवेयर डेवलपमेंटबैंकिंगबीमालेखाचार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। मीडियाकलाकानूनी और विधि सेवाएँशिक्षा-प्रशिक्षण तथा सेवा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठान भी योजना में सम्मिलित होंगे। योजना से प्रशिक्षणार्थियों को उद्योग उन्मुख प्रशिक्षणनवीनतम तकनीक और प्रक्रियाओं में दक्षता प्राप्त होगीजिससे उनके नियमित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योजना से प्रमुख प्रतिष्ठानों को जोड़ने के‍ लिए पुणेबैंगलुरू और नोएडा में कार्यशालाएँ की जाएंगी। साथ ही प्रदेश में युवाओं को योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से संभाग और जिला‍ स्तर पर गतिविधियाँ संचालित होंगी।प्रत्येक माह निर्धारित स्टाइपेण्ड का 75% राज्य शासन की ओर से छात्र- प्रशिक्षणार्थी को DBT के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। प्रतिष्ठान को निर्धारित न्यूनतम स्टाइप्रेण्ड की 25% राशि छात्र- प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में जमा करना होगी। प्रतिष्ठान निर्धारित राशि से अधिक स्टाइपेण्ड देने के लिए स्वतंत्र होगा।

इंडस्ट्री वर्कशॉप

     मध्यप्रदेश एवं प्रमुख आईटी/औद्योगिक केंद्रों (पुणेबैंगलोरआदि) में 1 जून से 14 जून 2023 तक संभागीय कार्यशालाएं आयोजित होगी। इसी के तहत मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना का क्रियान्वयन 07 जून से प्रतिष्ठानों के पंजीयन का कार्य प्रारंभ होगा ओर युवाओं का पंजीयन 15 जून से प्रारंभ होगा तथा मार्केट प्लेस 15 जुलाई से प्रारंभ एवं युवाओं का आवेदन लेना प्रारंभ होगा और युवा प्रतिष्ठानों-मध्यप्रदेश शासन के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर (अनलाइन) 31 जुलाई से प्रारंभ होंगे। 01 अगस्त से से युवाओं की उपस्थिति शुरू होजाएगी। तथा प्रशिक्षण 31 अगस्त से प्रारंभ होने के माह बाद युवाओं को राशि वितरण किया जाएगा। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में साधिकार समिति करेगी योजना का संचालन

      मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित साधिकार समिति द्वारा योजना का संचालन किया जाएगा। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे। वित्तऔद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहनसूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यमश्रमउच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव समिति के सदस्य होंगे।

बुधवार, 17 मई 2023

लाइफ स्टाइल फॉर इनवायरमेंट कार्यक्रम 5 जून तक

प्रत्येक जिले में प्रतिदिन ऊर्जा विकास निगम द्वारा होंगे कार्यक्रम

भोपाल : बुधवार, मई 17, 2023.
मिशन LiFE में लोगों को पर्यावरण अनुकूल जीवन पद्धति अपनाने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा 15 मई से प्रदेश में लाईफ स्टाइल फॉर इनवायरमेंट कार्यक्रम शुरू किया गया है। विश्व पर्यावरण दिवस - 5 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रत्येक जिले में प्रत्येक दिन साईकिल रैली, पौधारोपण, ऊर्जा संरक्षण विषय पर चित्रकला, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठी, प्रदर्शन आदि गतिविधियाँ होंगी।

ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री संजय दुबे जी के नेतृत्व में मिशन LiFE में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियेंशी के सहयोग से जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिये विभिन्न गतिविधियाँ की जाएंगी। इसमें आम जनमानस के साथ विद्यार्थियों और किसानों को भी ऊर्जा के अपव्यय से होने वाले पर्यावरण नुकसान की जानकारी दी जा रही है।

श्री कर्मवीर शर्मा ने कहा कि ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण एवं संवर्धन के लिये ऊर्जा साक्षरता अभियान (ऊषा) चलाया जा रहा है। इसका भी उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को जलवायु परिवर्तन के दुष्णप्रभावों के विरूद्ध जागरूक करना है। अभियान से अब तक 15 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके है।

ऊर्जा विकास निगम द्वारा 15 मई को दतिया जिले में 50 किसानों, ग्रामीणों और गृहणियों को ऊर्जा बचत के उपाय, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जानकारी दी गई। भोपाल के SAGE यूनिवर्सिटी में 16 मई को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को मिशन LiFE के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मिशन का उद्देश्य खासतौर से युवा पीढ़ी को जलवायु परिवर्तन के दुष्णप्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिये तैयार करना है।

बुधवार, 3 अप्रैल 2019

मोदी राज में बैंकों का निकल गया दम

नई दिल्ली। 31 मार्च 2019 को दिल्ली में एक न्यूज चैनल के उद्धाटन में पीएम मोदी ने अपने भाषण में कालेधन पर नकेल कसने का जिक्र किया । बैकिंग प्रणाली को कितना मजबूत किया है इसके विस्तार से जिक्र किया ।और यही से सवाल उठा कि प्रधानमंत्री जो भी कह गये क्या उस पर सवाल नहीं उठना चाहिये । मोदी बोले कि सप्रीम कोर्ट ने उनके पीएम बनने से  तीन साल पहले से कह रखा था कि कालेधन पर एसआईटी बनाइये । लेकिन मनमोहन सरकार ने नहीं बनाया और सत्ता मेंआते ही पहली कैबिनेट में उन्होने एसआईटी बनाने का निर्णय ले लिया । जबकि हकीकत ये है कि सप्रीम कोर्ट ने 2011 कालेधन को लेकर मनमोहन सत्ता क्या कर रही है इसका जवाब मांगा था । और साफ तौर पर कहा था कि विदेशो में कितना कालाधन है इसका कोई आंकडा बताने की स्थिति में सरकार कब आ पायगी । और तब के वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि जब तक दुनिया के तमाम देशो के साथ ये समझता नहीं हो जाता है कि वहा के बौको में जमा  भारतीय नागरिको के कालेधन की जानकारी दें तब तक मुश्किल है । और समझना होगा कि एसआईटी बानने का जिक्र सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2014 में किया । बकायदा आरटीआई एक्ट के तहत आरटीआई को बनाने क लिये कहा ।  और तब मनमोहन सरकार को लगा कि देश में चुनाव होने वाले है तो फिर चुनाव के बाद जिसकी सरकार बनेगी वह एसआईटी बनाये तो बेहतर होगा । और 27 मई 2014 को मोदी ने अपने पही कैबनेट में एसआईटी बनाने का एलान कर दिया । यानी सवाल तीन साल का नहीं था । लेकिन इसके साथ ही एक दूसरा सच जो पीएम मोदी हमेशा छुपा लेते है  कि एसआईटी तो आरटीआई कानून के तहत बना है तो सारी जानकारी जनता को मिलनी चाहिये और इसी प्रक्रिया में एसआईटी बनने के बाद 28 अक्टूबर 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने बकायदा मोदी सत्ता को निर्देश दिया की 24 घंटे के भीतर वह बताये कि विदेशी बैको में किन भारतीयो का कालाधन जमा है । और हालात देखिये उसके बाद साढे चार बरस बीत गये लेकिन आजतक मोदी सत्ता ने उन नामो का खुलासा नहीं किया जिनका कालाधन विदेशी बैको में जमा है । तो क्या कालेधन पर पीएम के बयान से ही एक रिपोर्ट तथ्यो के साथ दिखायी नहीं जानी चाहिये ।
खैर अपने भाषण में पीएम मोदी सबसे ज्यादा बैको को लेकर बोले कि कैसे उन्होने पांच बरस के भीतर डूबती बैकिग प्रणाली  को ठीक कर दिया । तो क्या न्यूज चैनल का काम सिर्फ मोदी का भाषण अपने मंच से दिलवाना भर ही होना चाहिये । या फिर चैनल को इससे सुनहरा अवसर नहीं मिलता कि उनके मंच पर आकर पीएम कुछ भी कहकर नहीं जा सकते । यानी शाम के प्राईम टाइम में तो बकायदा पांच बरस में कैसे बैको का बंटाधार हुआ है इसको लेकर घंटे भर का कार्यक्रम तक बनाया जा सकता है । और खबर का पेग पीएम का भाषण ही है । क्योकि ये पहली बार हुआ कि कि बैको में जमा जनता की कमाई की रकम की लूट को छुपाने के लिये मोदी सत्ता ही सक्रिय हो गई । हालात इतने बुरे हो गये कि सत्ता मेंआने के बाद बरस दर बरस बैको क फाइल साफ सुधरी दिखायी दे उसके लिये सिलसिलेवार तरीके से लूट की रकम को रिटन आफ किया गया । जबकि रिकवरी ना के बराबर हुई । मसलन 2014-15 में 49,018 करोड रिटन आफ किया गया और रिकवरी हुई सिर्फ 5461 करोड । 2015-16 में रिटन आफ किया गया 57,585 करोड और रिकवरी की गई महज 8096 करोड । 206-17 में रिटन आफ किया गया 81,683 करोड और रिकवरी हुई 8680 करोड । 2017-18 में रिटन आफ किया गया 84,272 करोड रुपये और रिकवरी हुई महज 7,106 करोड रुपये । यानी पहले चार बरस में बैको की फाइलो में कर्ज लेकर लूट लिये गये 2,72,558 करोड रुपये नजर ना आये इसकी व्यवस्था की गई । जबकि बैको की सक्रियता इन चार बरस में रिकवरी कर पायी सिर्फ 29,343 करोड रपये । तो फिर बैको में कैसे सुधार मोदी सत्ता के दौर में आ गया क्योकि अनूठा सच तो ये भी है कि करीब 90 फिसदी एनपीए रिटन आर कर दिया गया । और अगर बैको के जरीये हालात को समझे तो 2014 से 2018 के बीच यूको बैक ने कोई रकवरी की ही नहीं जबकि कर्ज दे दिया 6087 करोड जिसे मोदी सरकार ने रिटन आफ कर दिया । देश के सबसे बडे बैक स्टेट बैक आफ इंडिया ने इन चार बरस में कर्ज की रिकवरी की सिर्फ 10,396 करोड और जो रिकवरी नहीं हो पायी वह रकम है 1,02,587 करोड रुपये । और इस रकम को बैको के फाइलो से रिटन आफ कर दिया  । और ये बकायदा रिजर्व बैक के जरीये जारी कि गई 21 बैको की सूची है जो साफ साफ बताती है कि आखिर जो एनपीए 2014 में सवा दो लाख करोड का था वह 2019 में बञते बढते 12 लाख करोड भी पार कर चूका है और एनपीए का बढना महज इंटरेस्ट रेट नहीं होता है बल्कि इस दौर में कर्ज देकर लूट को बढाने की सिलसिला भी कैसे सिस्टम का हिस्सा का हिस्सा हो गया ।
और लूट को रोकने का जो दावा प्रधानमंत्री चैनल के उदधाटन भाषण में कर गये उस पर तो चैनल को अलग से रिपोर्ट तैयार कर बताना चाहिये कि कैसे बीचे पांच बरस के दौर में बैक फ्राड के मामले हवाई गति से बढे है । जरा इसके सिलसिले को परखे एसबीआई [2466], बैंक आफ बड़ौदा [782] ,बैंक आफ इंडिया [579], सिंडीकेट बैंक [552],सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया [527], पीएनबी [471], यूनियन बैंक आफ इंडिया [368], इंडियन ओवरसीज बैंक[342],केनरा बैंक [327], ओरियंट बैंक आफ कामर्स[297] , आईडीबीआई [ 292 ], कारपोरेश बैंक[ 291], इंडियन बैंक [ 261],यूको बैंक [ 231],यूनिईटेड बैंक आफ इंडिया [ 225 ], बैंक आफ महाराष्ट्र [ 170],आध्रे बैंक [ 160 ], इलाहबाद बैंक [ 130 ], विजया बैंक  [114], देना बैंक [105], पंजाब एंड सिंघ बैंक [58] ..ये बैंकों में हुये फ्रॉड की लिस्ट है। 2015 से 2017 के दौरान बैंक फ्रॉड की ये सूची साफ तौर पर बतलाती है कि कमोवेश हर बैंक में फ्रॉड हुआ। सबसे ज्यादा स्टेट बैंक में 2466। तो पीएनबी में 471 । और सभी को जोड दिजियेगा तो कुल 8748 बैंक फ्रॉड बीते तीन बरस में हुआ । यानी हर दिन बैंक फ्रॉड के 8 मामले देश में होते रहे । पर सवाल सिर्फ बैंक फ्रॉड भर का नहीं है। सवाल तो ये है कि बैंक से नीरव मोदी मेहूल चौकसी और माल्या की तर्ज पर कर्ज लेकर ना लौटाने वालों की तादाद की है। और अरबों रुपया बैंक का बैलेस शीट से हटाने का है। और सरकार का बैंको को कर्ज का अरबो रुपया राइट आफ करने के लिये सहयोग देने का है । यानी सरकार बैंकिंग प्रणाली के उस चेहरे को स्वीकार चुकी है, जिसमें अरबो रुपये का कर्जदार पैसे ना लौटाये । क्योकि क्रेडिट इनफारमेशन ब्यूरो आफ इंडिया लिमिटेड यानी सिबिल के मुताबिक इससे 1,11,738 करोड का चूना बैंकों को लग चुका है। और 9339 कर्जदार ऐसे है जो कर्ज लौटा सकते है पर इंकार कर दिया। और पिछले बरस सुप्रीम कोर्ट ने जब इन डिफाल्टरों का नाम पूछा तो रिजर्व बैंक की तरफ से कहा गया कि जिन्होने 500 करोड से ज्यादा का कर्ज लिया है और नहीं लौटा रहे है उनके नाम सार्वजनिक करना ठीक नहीं होगा। अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। तो ऐसे में बैंकों की उस फेरहिस्त को पढिये कि किस बैंक को कितने का चूना लगा और कर्ज ना लौटाने वाले है कितने।
तो एसबीआई को सबसे ज्यादा 27716 करोड का चूना लगाने में 1665 कर्जदार हैं। पीएनबी को 12574 करोड का चूना लगा है और कर्ज लेने वालो की तादाद 1018 है। इसी तर्ज पर बैंक आफ इंडिया को 6104 करोड़ का चूना 314 कर्जदारो ने लगाया। बैंक आफ बडौदा को 5342 करोड का चूना 243 कर्जदारों ने लगाया। यूनियन बैंक को 4802 करोड का चूना 779 कर्जदारों ने लगाया। सेन्ट्रल बैंक को 4429 करोड का चूना 666 कर्जदारों ने लगाया। ओरियन्ट बैंक को 4244 करोड का चूना 420 कर्जदारो ने लगाया। यूको बैंक को 4100 करोड का चूना 338 कर्जदारों ने लगाया। आंध्र बैंक को 3927 करोड का चूना 373 कर्जदारों ने लगाया। केनरा बैंक को 3691 करोड का चूना 473 कर्जदारों ने लगाया।  आईडीबीआई को 3659 करोड का चूना 83 कर्जदारों ने लगाया। और विजया बैंक को 3152 करोड़ का चूना 112 कर्जदारों ने लगाया । तो ये सिर्फ 12 बैंक हैं। जिन्होंने जानकारी दी की 9339 कर्जदार है जो 1,11,738 करोड नहीं लौटा रहे हैं। फिर भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई नहीं है उल्टे सरकार बैंकों को मदद कर रही हैं कि वह अपनी बैलेस शीट से अरबो रुपये की कर्जदारी को ही हटा दें।
- पूण्य प्रसून वाजपई के फेसबुक पेज से संकलित

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

दिग्विजय सिंह जी की शिकायत भाजपा की ओछी मानसिकता

                                                                       
सीहोर/ पिछले दिनों  सीहोर में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने सीहोर के आराध्य देव भगवान गणेश मंदिर भगवान श्री गणेश की आराधना करने पधारे थे, भारतीय जनता पार्टी के नेताओ के पेट में दर्द उठा और भारतीय जनता पार्टी ने श्री दिग्विजय सिंह की शिकायत चुनाव आयोग में कर दी, श्री गणेश मंदिर के बाहर कई दुखी लोग मांग कर अपना जीवन यापन करते है।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म मे मंदिर के बाहर धर्म करने की प्रथा है, दान धर्म की शिकायत करकर भाजपा ने हिन्दू सनातन धर्म का अपमान किया है और ये मामला भारतीय जनता पार्टी की संक्रिण मानसिकता को प्रदर्शित करता है, भाजपा की इस ओछे कृत्य का जवाब निश्चित रूप से जनता देगी युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव  गुजराती ने भाजपा नेताओ के इस कृत्य की निंदा करते हुए भाजपा नेताओं से माफी मांगने की अपील की है और भाजपा नेताओं को शिखवे शिकायतों को छोड़कर भाजपा सांसद के  पिछले कार्यकालों का हिसाब जनता को देना चाहिए ।        

छत्तीसगढ़ के सीएम ने पीएम को भेजा आईना


छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता और सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए बतौर तोहफा एक आईना भेजा है. बघेल ने अपने ट्वीट में आईने के ऑनलाइन ऑर्डर का स्क्रीनशॉट लगाया है. इस आईने को पीएम के आवास 7, लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली को भेजा गया है.
बघेल  ने ट्वीट किया है कि 'मैं आपको यह आईना तोहफा स्वरूप भेज रहा हूं. इस आईने को आप लोक कल्याण मार्ग के अपने आवास में किसी ऐसी जगह लगाएं, जहां से आप सबसे अधिक बार गुजरते हों. ताकि इस आईने में अपनी शक्ल बार-बार देख आप अपने असली चेहरे को पहचानने की कोशिश कर सकें.'


भूपेश बघेल का खत पीएम मोदी के नाम
माननीय मोदी जी!
आपको मोदी जी तो बोल ही सकता हूं ना? दरअसल क्या है कि आपने ख़ुद को इतने नाम दे रखे हैं कि लोग भ्रमित हो जाते हैं कि आपको किस नाम से पुकारें. चायवाला, फकीर, प्रधान सेवक, चौकीदार, साहेब, और न जाने क्या-क्या!
आप स्वतंत्र भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनके कई चेहरे हैं. जो कि अपनी सुविधानुसार उन चेहरों का मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल करता है. लेकिन इनमें से आपका असली चेहरा है कौन सा?
आप 2014 में चायवाला बन गए. आपकी पीआर टीम ने आपकी इस छवि को खूब बेचा और वोट बटोरा. लेकिन अब तक इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि आपने चाय की केतली को हाथ तक लगाया हो. अब जब आपने चाय बेची ही नहीं तो आप चायवाला कैसे हो गए मोदी जी?
फिर भारत को दस लाख का सूट पहनने वाला पहला फकीर भी मिला. एक ऐसा फकीर जिसके बारे में कहा जाता है कि मेकअप में ही हजारों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं. आपकी कलम, दिन में कई बार बदले जाने वाले आपके कपड़े, आपका नाश्ता और आपका खाना सबकी बड़ी चर्चा होती रही है. 2000 करोड़ तो आपने विदेश यात्राओं में ही फूंक दिए और 4600 करोड़ रुपए विज्ञापनों में. आपकी इस फकीरी को देखकर तो अच्छे अच्छे फकीरों के होश फ़ाख़्ता हो जाएं.
बात सिर्फ इन 'विशेषणों' तक सीमित नहीं है मोदी जी. 2014 के पहले आप काला धन विरोधी थे, भ्रष्टाचार विरोधी थे, जीएसटी विरोधी थे, पाकिस्तान को 'लव लेटर' लिखे जाने के खिलाफ थे, चीन को आप लाल आंखें दिखाना चाहते थे, गंगा मां के बेटे थे, स्मार्ट सिटीज और आदर्श गांवों का सपना बेचने वाले राजनेता थे, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के सच्चे समर्थक थे. लेकिन 2014 के बाद से ही इन सबके विपरीत होते चले गए. काले धन वालों को आपने विदेश भगा दिया, राफेल में अनिल अंबानी के साथ भ्रष्टाचार के भागीदार बन गए, आधी रात में संसद खुलवाकर जीएसटी बिल पास करवाया लेकिन इससे देश के कारोबार की कमर टूट गई, गंगा नदी की स्थिति अब भी दयनीय है, बेरोजगारी ने सारे रिकार्ड्स ध्वस्त कर दिए हैं, आप बिन बुलाए पाकिस्तान जाकर बिरयानी खा आए, चीन के राष्ट्रप्रमुख के साथ आप झूला झूलते दिखे, बनारस को क्योटो बनाना तो 'हर खाते में 15-15 लाख' जैसा जुमला ही साबित हुआ.
लोग पहचान ही नहीं पा रहे हैं कि आपका असली चेहरा कौन सा है. क्या आपको याद है कि आपका असली चेहरा कौन सा है?
इससे पहले कि आप झूठ का एक और नकाब पहन कर जनता के बीच आएं, मैं आपको यह आईना तोहफा स्वरूप भेज रहा हूं. मोदी जी! इस आईने को आप लोक कल्याण मार्ग के अपने आवास में किसी ऐसी जगह लगाएं, जहां से आप सबसे अधिक बार गुजरते हों. ताकि इस आईने में अपनी शक्ल बार बार देख आप अपनी असली चेहरे को पहचानने की कोशिश कर सकें.
हो सकता है कि आप इस आईने का इस्तेमाल ही ना करें. प्रधानमंत्री निवास के किसी कूड़ेदान में फेंक दें. लेकिन आईना देखने से आप फिर भी नहीं बच पाएंगे. इस देश की 125 करोड़ की आबादी इस चुनाव में आपको आईना दिखाने वाली है.
तैयार हैं ना मोदी जी?

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित पार्टी के पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे. घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब हमने एक साल पहले घोषणा पत्र को लेकर प्रक्रिया शुरू की थी तो मैंने पी. चिदंबरम और राजीव गौड़ा को दो बातें कही थीं. मैंने कहा था कि यह बंद कमरे में बनाया हुआ घोषणा पत्र नहीं होना चाहिए. इसमें भारत के लोगों की बातें होनी चाहिए. दूसरी यह सच्चाई पर आधारित होना चाहिए, इसमें एक भी बात झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए. कमेटी ने इन दोनों बातों पर अच्छे से काम किया है.
राहुल गांधी के भाषण की 10 बातें
  1. कांग्रेस गरीबी पर वार के लिए काम करेगी. गरीब लोगों को सालाना 72 हजार रुपए दिए जाएंगे. यह पैसा सीधे गरीबों और किसानों की जेब में जाएगा. पहली बार ऐसा होगा कि गरीबों की जेब में सीधा पैसा दिया जाएगा. पीएम मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी लागू करके अर्थव्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं, इससे इकॉनमी दोबारा जंप स्टार्ट हो जाएगी. 
  2. देश में रोजगार और किसान दो बड़े मुद्दे हैं. देश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. पीएम मोदी ने दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था. मैंने हमारी कमेटी से पूछा कि सच्चाई क्या है? सच्चाई यह है कि 22 लाख पद सरकारी नौकरी में खाली हैं. 
  3. कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई तो मार्च 2020 तक उन पदों को भर देगी. इसके अलावा 10 लाख युवाओं को ग्राम पंचायतों में रोजगार दिया जा सकता है. 
  4. मेक इन इंडिया के तहत जो भी युवा एंटरप्रन्योर बनना चाहता है, उसे अभी बहुत सारे विभागों से मंजूरी लेनी पड़ती है. लेकिन हमारी सरकार बनने के बाद तीन साल के लिए हिन्दुस्तान के युवाओं को बिजनेस खोलने के लिए किसी तरह की कोई मंजूरी नहीं लेनी होगी. 
  5. पीएम मोदी ने मनरेगा को बेकार स्कीम बताया. आज पूरा देश जानता है कि मनरेगा ने देश की कितनी मदद की. अब हम इसके तहत 100 से 150 दिन गारंटी रोजगार कर देंगे. 
  6. मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने दो दिनों में किसानों का लोन माफ कर दिया. किसानों के लिए हमने दो बड़ी चीजें सोची हैं. पहला किसानों के लिए अलग से बजट होगा. हिन्दुस्तान के किसान को मालूम होना चाहिए कि उसे कितना पैसा दिया जा रहा है और उसकी फसल की एमएसपी कितनी तय की जा रही है. 
  7. दूसरी करोड़पति बैंक लोन लेते हैं और बैंक का पैसा लेकर भाग जाते हैं. जो किसान बैंक लोन लेते हैं वो अगर पैसा नहीं दे पाते हैं तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है. हमने तय किया है कि ऐसे मामलों को आपराधिक मामला ना माना जाए. किसान अगर कर्ज नहीं चुका पा रहा है तो इससे सिविल अपराध माना जाए.
  8. शिक्षा सेक्टर के लिए हमने तय किया है कि जीडीपी का छह फीसदी पैसा हिन्दुस्तान की शिक्षा के लिए दिया जाएगा. स्कूल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान सब जगह बनने चाहिए. मोदी सरकार ने उसे कम कर दिया है. 
  9. स्वास्थ्य के लिए सरकार एक स्कीम लेकर आई है. इसका मकसद हिन्दुस्तान की जनता का पैसा लेकर देश के चुनिंदा बिजनसमैन के जेब में पैसा डालना है. हम सरकारी अस्पताल और सरकारी पब्लिक हेल्थ को मजबूत करेंगे. हमारा फोकस होगा कि गरीब आदमी को अच्छे से अच्छे अस्पताल में अच्छा ईलाज मिले.
  10. राष्ट्रीय सुरक्षा की बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले पांच साल में भाजपा ने देश को बांटने का काम किया है. उसने देश में नफरत फैलाई है. आतंकवाद बढ़ा है. कांग्रेस देश को जोड़ने और एक साथ ले जाने का काम करेगी, हमारा नेशनल और इंटरनल सिक्यूरिटी पर ज्यादा फोकस होगा.